
चिंतालरायस्वामी मंदिर: विजयनगर वास्तुकला का एक अनमोल रत्न
Chintalarayaswami Temple: भारत के आंध्र प्रदेश राज्य के अनंतपुर जिले में स्थित ताडपत्री शहर अपनी ऐतिहासिक धरोहरों के लिए जाना जाता है। यहाँ का सबसे प्रमुख आकर्षण चिंतालरायस्वामी मंदिर (Chintalarayaswami Temple) है, जो भगवान विष्णु को समर्पित है। यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि विजयनगर साम्राज्य की उत्कृष्ट शिल्पकला का एक अद्भुत उदाहरण भी है।
इतिहास और उत्पत्ति
इस भव्य मंदिर का निर्माण 16वीं शताब्दी के मध्य में विजयनगर साम्राज्य के दौरान किया गया था। ऐतिहासिक अभिलेखों के अनुसार, इसे पेम्मासानी तिम्मा नायडू के शासनकाल में बनाया गया था। मंदिर की बनावट और शिलालेख इसके समृद्ध इतिहास की गवाही देते हैं।
Chintalarayaswami Temple वास्तुकला की विशेषताएँ
चिंतालरायस्वामी मंदिर अपनी सूक्ष्म नक्काशी और ग्रेनाइट पत्थरों पर उकेरी गई कलाकृतियों के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर के मुख्य आकर्षण इस प्रकार हैं:
- महामंडप: मंदिर का मुख्य हॉल नक्काशीदार खंभों से सजा है, जो विजयनगर शैली की पहचान है।
- पत्थर का रथ: मंदिर परिसर में एक छोटा लेकिन अत्यंत सुंदर पत्थर का रथ (Stone Chariot) स्थित है, जो हम्पी के प्रसिद्ध रथ की याद दिलाता है।
- रामायण और महाभारत के चित्र: मंदिर की दीवारों पर रामायण, महाभारत और भागवत पुराण के दृश्यों को बहुत ही बारीकी से उकेरा गया है।
धार्मिक महत्व
यहाँ भगवान विष्णु को ‘चिंताल वेंकटरमण’ के रूप में पूजा जाता है। मंदिर के गर्भगृह में स्थित मूर्ति अत्यंत शांत और दिव्य है। माना जाता है कि यहाँ दर्शन करने से मानसिक शांति प्राप्त होती है। अध्यात्म और धर्म के गहरे रहस्यों को समझने के लिए, मनुष्य को अक्सर अपने कर्मों पर विचार करना चाहिए।
कैसे पहुँचें?
ताडपत्री रेल और सड़क मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। अनंतपुर शहर से इसकी दूरी लगभग 55 किलोमीटर है। यदि आप वास्तुकला और इतिहास के प्रेमी हैं, तो यह मंदिर आपकी यात्रा सूची में अवश्य होना चाहिए।
निष्कर्ष
चिंतालरायस्वामी मंदिर केवल पत्थरों का ढांचा नहीं है, बल्कि यह हमारी प्राचीन संस्कृति और कला का जीवंत प्रमाण है। इसकी हर दीवार एक कहानी सुनाती है और इसका वातावरण भक्ति से सराबोर है।


