Arjuna His Bow Gandiva
गांडीव केवल एक धनुष नहीं, बल्कि ब्रह्मा द्वारा रचित एक ब्रह्मांडीय ऊर्जा थी, जिसने द्वापर युग में धर्म की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया।
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गांडीव केवल एक धनुष नहीं, बल्कि ब्रह्मा द्वारा रचित एक ब्रह्मांडीय ऊर्जा थी, जिसने द्वापर युग में धर्म की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया।
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नंदक मात्र एक शस्त्र नहीं, बल्कि शुद्ध चैतन्य और ज्ञान की वह धार है जो मनुष्य के भीतर व्याप्त अज्ञान और मोह के अंधकार को एक क्षण में काट देने की क्षमता रखती है।
Nandaka Bhagwan Vishnu’s Bow Read Post »
कोदंड केवल लकड़ी और प्रत्यंचा का मेल नहीं है, बल्कि यह उस अटूट संकल्प का प्रतीक है जो अधर्म के अंधकार को मिटाने के लिए श्री राम ने धारण किया था। इसकी टंकार ही राक्षसी सेना के भय का कारण थी।
Kodanda Lord Rama’s Bow Read Post »
पिनाक मात्र एक धनुष नहीं, बल्कि महादेव के संकल्प और ब्रह्मांडीय न्याय का प्रतीक है। इसकी टंकार में वह शक्ति है जो सृष्टि के अधर्म का विनाश करने की क्षमता रखती है |
Pinaka Shiva Ka Dhanusha Read Post »
सृष्टि के पांच तत्वों—पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश—का संतुलन भगवान शिव के पंचानन रूपों में निहित है।
The 5 Divine Forms of Lord Shiva Read Post »
भगवान शिव का त्रिशूल केवल एक दैवीय अस्त्र नहीं, बल्कि मानव चेतना के तीन स्तंभों—इच्छा, ज्ञान और क्रिया का संगम है।
The Secrets of Lord Shiva’s Trishula Read Post »
श्रीकृष्ण की बांसुरी केवल एक वाद्य यंत्र नहीं, बल्कि वह ‘नाद ब्रह्म’ है जो जीवात्मा को परमात्मा से जोड़ती है |
Lord Krishna’s flute Read Post »
अध्यात्म और प्रकृति का मिलन: “बाबिया का अस्तित्व यह सिद्ध करता है कि श्रद्धा और भक्ति केवल मनुष्यों तक सीमित नहीं है; प्रकृति भी दैवीय शक्ति के आगे नतमस्तक होती है।
Babiya Guardian अनंतपुरा श्री अनंतपद्मनाभ स्वामी मंदिर| Read Post »
क्या आप जानते हैं कि पाप का भी बाप कौन है? जानिए शास्त्रों के अनुसार वह कौन सी एक बुराई है जो इंसान से हर गलत काम करवाती है और इससे बचने के उपाय।
पाप का भी बाप कौन है? Read Post »
महाभारत युद्ध में Kurukshetra में भोजन व्यवस्था उडुपी राजा ने संभाली, जो प्रतिदिन चमत्कारिक रूप से दोनों सेनाओं के लिए सही मात्रा में भोजन बनाते थे।
Kurukshetra कुरुक्षेत्र में भोजन कौन तैयार करता था? Read Post »
कुरुक्षेत्र के पवित्र मैदान में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को चार योगों का सरल मार्ग दिखाया – अध्याय 3, 4, 6, 12 में वर्णित।
Bhagwat Geeta भगवद्गीता के चार योग: कर्म, भक्ति, ज्ञान और राज योग | Read Post »
कुरुक्षेत्र केवल एक मैदान नहीं, बल्कि ब्रह्मा जी की यज्ञवेदी और राजा कुरु के तप से अभिमंत्रित एक ‘मोक्ष प्रदाता’ भूमि है
Kurukshetra महाभारत युद्ध के लिए कुरुक्षेत्र को ही क्यों चुना गया? Read Post »
चंद्रलोक से कुरुक्षेत्र के युद्ध तक की रहस्यमय यात्रा, अभिमन्यु का पूर्व जन्म जानिए क्यों महाभारत का महान योद्धा अभिमन्यु कहा जाता है।
Abhimanyu अभिमन्यु का रहस्यमय पूर्व जन्म : चंद्रलोक से कुरुक्षेत्र तक Read Post »
इतिहास बताता है कि गंगा आस्था से माँ बनती है और विश्वास से भारतीय सभ्यता की जीवन रेखा बनती है।
Ganga गंगा नदी को पृथ्वी पर कौन लाया था : इतिहास, आस्था और विश्वास Read Post »
हिंदू धर्म में विवाह को केवल दो लोगों का नहीं, बल्कि नारी का सम्मान, उसके इरादे और धर्म की प्रतिष्ठा का उत्सव माना जाता है।
हिंदू परंपरा में विवाह का नाम नारी के सम्मान से | Read Post »
नीचे जन्म-तिथि, जन्म-मास और नामकरण के कारण के अनुसार प्रमुख हिन्दू देवी-देवताओं की संपूर्ण व स्पष्ट सूची दी जा रही है।
हिन्दू देवताओं के जन्म-पर्व : माह, तिथि और नामकरण का कारण Read Post »