
अनंतपुरा श्री अनंतपद्मनाभ स्वामी मंदिर
Babiya केरल के कासरगोड जिले में स्थित अनंतपुरा लेक मंदिर एक अद्वितीय हिंदू मंदिर है, जो एक झील के बीच में बना हुआ है। यह माना जाता है कि यह श्री अनंतपद्मनाभ स्वामी के प्रसिद्ध मंदिर का मूल स्थान है।
श्रीमन नारायण नारायण हरि हरि🐊 बाबिया कौन थी?
इस मंदिर की सबसे रोचक कहानियों में से एक है बाबिया नाम की मगरमच्छ की, जो दशकों तक मंदिर की झील में रहती थी और मंदिर की रक्षा करती थी।
शाकाहारी मगरमच्छ?
बाबिया को माना जाता था कि वह केवल मंदिर प्रसाद (चावल और गुड़) खाती थी और उसने किसी को कभी नुकसान नहीं पहुंचाया। यह इसलिए भी आश्चर्यजनक था क्योंकि सामान्यतः मगरमच्छ मांसाहारी होते हैं।
मंदिर की रक्षा और रहस्य
- स्थानीय लोग कहते थे कि बाबिया नाम से बुलाने पर वह शांत तरीके से सामने आती और प्रसाद ले लेती थी।
- माना जाता है कि झील में एक ही मगरमच्छ रहता है। जब एक की मृत्यु होती है, तो दूसरा रहस्यमयी ढंग से प्रकट होता है।
- 1940 के दशक में एक ब्रिटिश सैनिक ने मगरमच्छ को मारा, पर कुछ दिनों बाद वह सांप के काटने से मर गया — जिसे लोग अनंथा नागदेव का क्रोध मानते हैं।
🪔 बाबिया का निधन और नई शुरुआत
बाबिया लगभग 70 वर्षों तक इस मंदिर की झील में रही। 2022 में उसके निधन पर हजारों भक्तों ने अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि दी। चमत्कार तब हुआ जब 2023 में एक नया मगरमच्छ उसी झील में दिखाई दिया, जिसे भक्तों ने ‘बाबिया’ का पुनर्जन्म मानकर स्वीकार कर लिया है।


