
होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह आपसी प्रेम, भाईचारे और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला यह उत्सव पूरे भारत में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।
बरसाना की विश्व प्रसिद्ध लठमार होली (2026)
ब्रज की होली पूरी दुनिया में मशहूर है। इस साल 2026 में बरसाना की प्रसिद्ध लठमार होली 25 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी। यहाँ की परंपरा के अनुसार, नंदगाँव के पुरुष बरसाना की महिलाओं के साथ होली खेलने आते हैं और महिलाएँ लाठियों से उनका स्वागत करती हैं।
भारत के विभिन्न राज्यों में होली के विविध रूप
भारत विविधताओं का देश है, और यहाँ होली को अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग नामों और परंपराओं से जाना जाता है:
| राज्य / क्षेत्र | होली का स्थानीय नाम |
|---|---|
| उत्तर प्रदेश (ब्रज) | लठमार होली / होरी |
| पश्चिम बंगाल | डोल जात्रा / डोल उत्सव |
| महाराष्ट्र और गुजरात | रंग पंचमी |
| मणिपुर | याओसांग (Yaosang) |
| पंजाब | होला मोहल्ला |
| गोवा | शिग्मो (Shigmo) |
| उत्तराखंड | खड़ी होली / महिला होली |
होली का आध्यात्मिक महत्व
होली का त्योहार भक्त प्रह्लाद और भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार की कथा से जुड़ा है। होलिका दहन हमें यह सिखाता है कि विश्वास और भक्ति के सामने बड़ी से बड़ी आसुरी शक्ति भी परास्त हो जाती है। इस दिन लोग पुराने गिले-शिकवे भुलाकर गले मिलते हैं और एक-दूसरे को गुलाल लगाते हैं।


