
हनुमान जयंती 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और मारुति नंदन की जन्म कुंडली
हिंदू धर्म में हनुमान जयंती का विशेष महत्व है। यह दिन बल, बुद्धि और विद्या के दाता भगवान हनुमान के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। चैत्र मास की पूर्णिमा को संकटमोचन का जन्म हुआ था।
हनुमान जयंती 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त
वर्ष 2026 में हनुमान जयंती की सही तिथि को लेकर उलझन में न रहें। विस्तृत जानकारी के लिए आप यहाँ देख सकते हैं: हनुमान जयंती 2026 शुभ मुहूर्त (Times of India)
- पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: अप्रैल 2026
- पूजा का सबसे शुभ समय: प्रातः काल (ब्रह्म मुहूर्त) और संध्या काल।
हनुमान जी की जन्म कुंडली (ज्योतिषीय विवरण)
शास्त्रों के अनुसार हनुमान जी का जन्म मेष लग्न और मेष राशि में हुआ था। उनकी कुंडली के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
| विवरण | ज्योतिषीय गणना |
|---|---|
| जन्म लग्न | मेष (Aries) |
| जन्म राशि | मेष (Aries) |
| नक्षत्र | चित्रा नक्षत्र |
| योग | वज्र योग |
| वार | मंगलवार (Tuesday) |
हनुमान जी के बारे में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक जानकारी के लिए पढ़ें: हनुमान जी का इतिहास (Wikipedia)
पूजा विधि और अनुष्ठान (Rituals)
हनुमान जयंती के दिन भक्त उपवास रखते हैं और मंदिरों में जाकर विशेष पूजा अर्चना करते हैं।
- गंगाजल स्नान: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें।
- सिंदूर लेपन: हनुमान जी को चमेली के तेल के साथ सिंदूर अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
- पाठ: इस दिन ‘हनुमान चालीसा’ और ‘बजरंग बाण’ का पाठ करने से सभी संकट दूर होते हैं।
- अमृतवाणी: विशेष शांति और भक्ति के लिए आप यहाँ से अमृतवाणी पढ़ सकते हैं: श्री हनुमान अमृतवाणी लिरिक्स (ShreeRamYug)
- भोग: हनुमान जी को बूंदी के लड्डू या बेसन के लड्डू का भोग लगाएं।
हनुमान जयंती कैसे मनाई जाती है?
भारत के विभिन्न हिस्सों में हनुमान जयंती को अलग-अलग तरीके से मनाया जाता है। उत्तर भारत में विशाल शोभायात्राएं निकाली जाती हैं, वहीं दक्षिण भारत में ‘हनुमत व्रतम’ का पालन किया जाता है। भक्त सुंदरकांड का पाठ करते हैं और “जय श्री राम” व “जय हनुमान” के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो जाता है।
महत्वपूर्ण कड़ियाँ (Quick Links):
- सटीक तिथि और मुहूर्त: यहाँ क्लिक करें
- हनुमान जी की जीवनी: यहाँ विस्तार से पढ़ें
- हनुमान अमृतवाणी: भक्तिपूर्ण पाठ के लिए यहाँ जाएँ


