Cheluvanarayana Swamy Temple

Cheluvanarayana Swamy Temple
चेलुवनारायण स्वामी मंदिर – मेलुकोट की संपूर्ण जानकारी

Cheluvanarayana Swamy Temple : चेलुवनारायण स्वामी मंदिर, मेलुकोट: इतिहास और भक्ति

“श्रीमन् नारायण चरणौ शरणं प्रपद्ये।
भगवान विष्णु के चरणों में ही सच्चा सुख है।”

Cheluvanarayana Swamy Temple : कर्नाटक की पहाड़ियों में बसा मेलुकोट एक ऐसा स्थान है जहाँ जाते ही मन को असीम शांति मिलती है। यहाँ का मुख्य आकर्षण चेलुवनारायण स्वामी मंदिर है, जो सदियों से भक्तों की आस्था का केंद्र रहा है। आइए इस मंदिर से जुड़ी कुछ खास बातों को विस्तार से जानते हैं।

1. संत रामानुजाचार्य का निवास

माना जाता है कि 12वीं शताब्दी में महान दार्शनिक और संत रामानुजाचार्य यहाँ लगभग 12 वर्षों तक रहे थे। उन्होंने ही इस मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया और पूजा की विधि को व्यवस्थित किया। आज भी मंदिर की परंपराओं में उनकी छाप दिखाई देती है।

2. योग नरसिंह मंदिर (पहाड़ी की चोटी पर)

चेलुवनारायण मंदिर के पास ही पहाड़ी के सबसे ऊपरी हिस्से पर योग नरसिंह मंदिर स्थित है। यहाँ तक पहुँचने के लिए भक्तों को सीढ़ियाँ चढ़नी पड़ती हैं। ऊपर पहुँचने के बाद जो नज़ारा दिखता है, वह आपकी सारी थकान मिटा देता है।

क्या आप जानते हैं? मेलुकोट को ‘दक्षिण बद्री’ के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इसकी धार्मिक महत्ता बहुत अधिक है।

3. प्रसिद्ध वैरामुडी उत्सव

इस मंदिर का सबसे बड़ा आकर्षण वैरामुडी उत्सव है। इस दौरान भगवान की मूर्ति को बहुमूल्य हीरों के मुकुट (Vairamudi) से सजाया जाता है। यह मुकुट मैसूर के राजघराने से लाया जाता है और इसे देखने के लिए लाखों लोग इकट्ठा होते हैं।

4. मेलुकोट का स्वाद: पुलियोगरे

अगर आप यहाँ जाते हैं, तो यहाँ का ‘पुलियोगरे’ (इमली वाले चावल) चखना न भूलें। यह यहाँ का मुख्य प्रसाद है और अपने अनोखे स्वाद के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है।

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