
Chamundeshwari Temple: मैसूर की अधिष्ठात्री देवी
Chamundeshwari Temple :कर्नाटक के सांस्कृतिक केंद्र, मैसूर में स्थित चामुंडेश्वरी मंदिर भारत के सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक स्थलों में से एक है। चामुंडी पहाड़ियों की चोटी पर स्थित यह मंदिर न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है, बल्कि यहाँ से पूरे मैसूर शहर का विहंगम दृश्य भी दिखाई देता है।
पौराणिक महत्व: यह मंदिर माँ शक्ति के 18 महा शक्तिपीठों में से एक है। माना जाता है कि यहाँ देवी सती के बाल गिरे थे और इसी स्थान पर माँ दुर्गा ने राक्षस महिषासुर का वध किया था।
Chamundeshwari Temple : वास्तुकला और भव्यता
मंदिर की वास्तुकला द्रविड़ शैली का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार (गोपुर) सात मंजिला है, जो अपनी बारीकी से की गई नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है।
- विशाल नंदी: पहाड़ी की आधी दूरी पर स्थित नंदी की प्रतिमा 15 फीट ऊंची और 24 फीट लंबी है, जिसे एक ही पत्थर (Granite) से तराशा गया है।
- हजार सीढ़ियाँ: 17वीं शताब्दी में निर्मित 1,000 सीढ़ियों का मार्ग आज भी भक्तों और ट्रैकर्स के बीच बेहद लोकप्रिय है।
उत्सव और परंपराएँ
मैसूर का प्रसिद्ध दशहरा उत्सव इसी मंदिर से शुरू होता है। नवरात्रि के दौरान, मैसूर पैलेस से चामुंडी पहाड़ी तक एक भव्य जुलूस निकाला जाता है। आषाढ़ मास के शुक्रवार को यहाँ लाखों की संख्या में श्रद्धालु माँ का आशीर्वाद लेने पहुँचते हैं।
आस-पास के मुख्य आकर्षण (Nearby Attractions)
• महाबलेश्वर मंदिर: पहाड़ी पर स्थित सबसे प्राचीन मंदिर।
• महिषासुर स्टैच्यू: मंदिर के पास ही स्थित विशाल और रंगीन प्रतिमा।
• मैसूर पैलेस: वास्तुकला का बेजोड़ नमूना और मैसूर की पहचान।
• श्री जगनमोहन पैलेस: कला और ऐतिहासिक चित्रों का अद्भुत संग्रहालय।


