Meera ke Pad – Jogiya ri preetadi hai dukhda ri mool.
॥ मीरा बाई भजन ॥ जोगिया री प्रीतड़ी है दुखड़ा री मूल। जोगिया री प्रीतड़ी है दुखड़ा री मूल। हिलमिल बात बणावट मीठी पाछे जावत भूल॥ तोड़त जेज करत नहिं सजनी जैसे चમેली के मूल। मीरा कहे प्रभु तुमरे दरस बिन लगत हिवड़ा में सूल॥ भावार्थ: मीराबाई कहती हैं कि किसी जोगी (वैरागी) से प्रेम […]
Meera ke Pad – Jogiya ri preetadi hai dukhda ri mool. Read Post »




