
॥ जय श्री राम ॥
भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर, अयोध्या
“रामलला हम आए हैं, मंदिर वहीं बनाया है।”
मंदिर की भव्य वास्तुकला (Architecture)
राम मंदिर का निर्माण पारंपरिक नागर शैली (Nagara Style) में किया गया है। मंदिर की संरचना में लोहे या स्टील का बिल्कुल भी प्रयोग नहीं किया गया है, ताकि यह हजारों वर्षों तक सुरक्षित रहे।
मुख्य माप (Dimensions)
- लंबाई (East-West): 380 फीट
- चौड़ाई: 250 फीट
- ऊंचाई: 161 फीट
- कुल मंजिल: 3 (प्रत्येक 20 फीट ऊंची)
स्तंभ और द्वार
- कुल स्तंभ: 392
- कुल द्वार: 44
- मुख्य द्वार: सिंह द्वार (32 सीढ़ियां)
5 मुख्य मंडप (Halls)
- नृत्य मंडप & रंग मंडप
- सभा मंडप
- प्रार्थना मंडप
- कीर्तन मंडप
विशेष आकर्षण – सूर्य तिलक: राम नवमी के दिन दर्पण और लेंस की एक विशेष प्रणाली के माध्यम से सूर्य की किरणें सीधे राम लला के माथे पर ‘तिलक’ करेंगी।
प्राण प्रतिष्ठा और मूर्ति
22 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में ‘बालक राम’ की प्राण प्रतिष्ठा की गई।
- मूर्तिकार: कर्नाटक के अरुण योगीराज द्वारा निर्मित।
- पत्थर: कृष्ण शिला (श्याम वर्ण का पत्थर)।
- गर्भगृह: भूतल पर राम लला का बाल रूप विराजमान है, जबकि प्रथम तल पर ‘राम दरबार’ स्थित है।
परिसर की अन्य विशेषताएँ
मंदिर परिसर 70 एकड़ में फैला हुआ है, जिसमें से 70% क्षेत्र को हरित (Green Area) रखा गया है।
कोने के मंदिर
परिसर के चारों कोनों पर सूर्य देव, देवी भगवती, गणेश जी और भगवान शिव के मंदिर हैं।
कुबेर टीला
यहाँ प्राचीन शिव मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया है और जटायु की विशाल प्रतिमा स्थापित की गई है।
विस्तृत जानकारी के लिए
भगवान श्री कृष्ण की पावन धरा से जुड़ी गोवर्धन शिला के बारे में यहाँ पढ़ें:
गोवर्धन शिला: पूर्ण जानकारीआधिकारिक वेबसाइट (SRJBTK)


