
अर्जुन और उनका दिव्य धनुष: Gandiva
शक्ति, धर्म और विजय का प्रतीक
गांडीव की अनसुनी कहानी
Gandiva महाभारत के युद्ध में जब भी अर्जुन अपनी प्रत्यंचा चढ़ाते थे, तो उसकी टंकार से शत्रुओं के हृदय कांप जाते थे। गांडीव धनुष अर्जुन को वरुण देव द्वारा प्राप्त हुआ था। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि इसे न तो कोई अस्त्र तोड़ सकता था और न ही यह कभी विफल होता था। ब्रह्मा जी द्वारा निर्मित यह धनुष दिव्य रत्नों से जड़ा हुआ था।
वरुण देव और खाण्डव वन का रहस्य
जब अग्नि देव को खाण्डव वन जलाना था, तब अर्जुन ने उनकी सहायता की। इसी सहायता के बदले में अग्नि देव ने वरुण देव से प्रार्थना कर अर्जुन को गांडीव धनुष और कभी न खत्म होने वाले बाणों के तरकश दिलाए। इस धनुष की सहायता से अर्जुन ने न केवल कौरवों का विनाश किया, बल्कि स्वर्ग के राजा इंद्र को भी युद्ध में पीछे हटने पर मजबूर कर दिया था।
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