
जय श्री वराह देव: वराह द्वादशी 2026
“केशव धृत-शूकर-रूप जय जगदीश हरे॥”
आज 30 जनवरी 2026 को वराह द्वादशी है। भगवान विष्णु के तृतीय अवतार ने पृथ्वी माता की रक्षा के लिए अवतार लिया था।
महत्व और विधि
यह दिन शत्रुओं पर विजय और भूमि सुख प्राप्ति के लिए उत्तम है। आज भगवान वराह का पूजन और दान पुण्य करना चाहिए।
क्या करें और क्या न करें (Do’s & Don’ts)
क्या करें:
- ‘ॐ नमो भगवते वराहरूपाय’ का जाप करें।
- तिल और गुड़ का दान करें।
- दीप दान करें।
- चावल का सेवन न करें।
- तामसिक भोजन और क्रोध से बचें।
उपयोगी कड़ियाँ (Useful Links):
वराह द्वादशी कथा (ISKCON)
मधुर भजन: मेरो वृंदावन


